योजना का उद्देश्य:
इस योजना का मुख्य उद्देश्य युवाओं को रोजगार के लिए तैयार करना है। विशेष रूप से उन युवाओं के लिए जो औपचारिक शिक्षा में पीछे रह गए हैं या जिनके पास पारंपरिक शिक्षा के अलावा कौशल आधारित शिक्षा की आवश्यकता है। यह योजना उन्हें व्यावसायिक शिक्षा और प्रशिक्षण के माध्यम से उनके करियर में सफलता प्राप्त करने का अवसर प्रदान करती है।
- ड्रॉपआउट्स के लिए विशेष अवसर: जिन छात्रों ने 8वीं या 10वीं कक्षा के बाद पढ़ाई छोड़ दी है, उनके लिए विशेष रूप से डिज़ाइन किए गए पाठ्यक्रम उपलब्ध होंगे।
- रोजगार से जुड़ाव: पाठ्यक्रमों के साथ-साथ रोजगार के लिए लिंक्ड अवसर भी प्रदान किए जाएंगे।
मुख्य लाभ:
- NCSD एनसीएसडीई संबद्ध प्रशिक्षण भागीदार: इस योजना के तहत प्रशिक्षु छात्रों को राष्ट्रीय कौशल विकास एजेंसी (NCSD) के साथ संबद्ध संस्थानों से प्रशिक्षण मिलेगा, जो उन्हें वैश्विक स्तर पर रोजगार के लिए तैयार करेगा।
- SNQF एनएसक्यूएफ संरेखित कौशल पाठ्यक्रम: पाठ्यक्रम राष्ट्रीय कौशल योग्यता ढांचे (NSQF) के अनुरूप तैयार किए गए हैं, जिससे छात्रों को मान्यता प्राप्त प्रमाणपत्र मिल सके।
- रोजगार के साथ कौशल विकास: छात्र पढ़ाई के साथ-साथ इंटर्नशिप और प्रैक्टिकल अनुभव के माध्यम से रोजगार योग्य कौशल हासिल कर सकते हैं।
- ड्रॉपआउट छात्रों के लिए विशेष पाठ्यक्रम Vocational Education to address Dropouts(VED): यह पाठ्यक्रम विशेष रूप से उन छात्रों के लिए डिज़ाइन किया गया है जिन्होंने औपचारिक शिक्षा छोड़ दी है।
- किफायती लागत पर शिक्षा: पाठ्यक्रमों की फीस बहुत ही सस्ती रखी गई है ताकि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्र भी इसे आसानी से पूरा कर सकें।
- प्लेसमेंट लिंकेज: शिक्षा के साथ-साथ रोजगार के लिए नौकरी के अवसर प्रदान किए जाएंगे।
- मानव पूंजी बैंक (HCB): पाठ्यक्रम शुल्क को बाद में समायोजित करने के लिए एक मानव पूंजी बैंक की शुरुआत की गई है, जिससे छात्र अपने आर्थिक बोझ को कम कर सकें।
उपलब्ध पाठ्यक्रम:
योजना के तहत विभिन्न व्यावसायिक और कौशल आधारित पाठ्यक्रम उपलब्ध हैं, जिनमें शामिल हैं:
- आईटी/आईटीईएस (IT/ITES): सूचना प्रौद्योगिकी और सेवा क्षेत्र के लिए।
- मिनी आईटीआई (Mini ITI): तकनीकी कौशल विकास के लिए।
- सुरक्षा (Security): सुरक्षा क्षेत्र में करियर बनाने के इच्छुक युवाओं के लिए।
- आईटी (वित्त संबंधी): वित्तीय सेवाओं और बैंकिंग क्षेत्र के लिए विशेष पाठ्यक्रम।
पंजीकरण प्रक्रिया:
इस योजना के तहत पंजीकरण बहुत आसान है। उम्मीदवारों को निम्नलिखित चरणों का पालन करना होगा:
- पंजीकरण लिंक पर जाएं: mpsos.mponline.gov.in पर जाएं।
- आवेदन भरें: उम्मीदवार को अपनी जानकारी भरनी होगी और रुचि के क्षेत्र का चयन करना होगा।
- शुल्क जमा करें: पंजीकरण के साथ ही पोर्टल शुल्क और पंजीकरण शुल्क जमा करना आवश्यक है।
- आवेदन संख्या प्राप्त करें: पंजीकरण के बाद उम्मीदवार को एसएमएस के माध्यम से आवेदन संख्या और अन्य विवरण मिलेंगे।
- काउंसलर से संपर्क: पंजीकरण के बाद एक काउंसलर उम्मीदवार से संपर्क करेगा और उनके साथ करियर विकल्पों पर चर्चा करेगा।
काउंसलिंग प्रक्रिया:
- काउंसलिंग की तारीख की सूचना: उम्मीदवार को एसएमएस और ईमेल के माध्यम से काउंसलिंग की तारीख और समय बताया जाएगा।
- वीडियो/ऑडियो कॉल: काउंसलर उम्मीदवार से कॉल के माध्यम से संपर्क करेगा।
- पाठ्यक्रम चयन: उम्मीदवार की योग्यता और रुचि के आधार पर काउंसलर उपयुक्त पाठ्यक्रम सुझाएगा।
- हैप्पी कोड: यदि उम्मीदवार पाठ्यक्रम से सहमत है, तो वह काउंसलर को हैप्पी कोड प्रदान करेगा।
शुल्क जमा करने के विकल्प:
उम्मीदवार को शुल्क जमा करने के लिए कई विकल्प मिलेंगे:
- पूर्ण राशि का भुगतान: पूरी फीस एक बार में जमा करें।
- किस्तों में भुगतान: किश्तों में शुल्क जमा करने का विकल्प।
- एचसीबी (मानव पूंजी बैंक): यदि आर्थिक स्थिति कमजोर है तो इस विकल्प के माध्यम से शुल्क में छूट या समायोजन किया जा सकता है।
अध्ययन प्रक्रिया और प्रमाणन:
- ऑनलाइन कक्षाएं: अध्ययन केंद्र के अनुसार कक्षाएं ऑनलाइन आयोजित की जाएंगी।
- प्रयोगशाला कार्य: एमपीएसओएसईबी के निर्दिष्ट कार्यशाला केंद्रों पर प्रैक्टिकल कार्य किया जाएगा।
- पाठ्यक्रम सामग्री: छात्रों को ई-पाठ्यक्रम सामग्री (सॉफ्टकॉपी) प्रदान की जाएगी।
- प्रमाणन: पाठ्यक्रम के सफल समापन के बाद छात्रों को प्रमाणपत्र प्राप्त होगा।
- आवासीय कार्यशाला: कार्यशाला में 100% उपस्थिति अनिवार्य है।
निष्कर्ष:
एमपी सक्षम भैया बहना योजना 2025 युवाओं के लिए एक सुनहरा अवसर है जिससे वे न केवल शिक्षा प्राप्त कर सकते हैं बल्कि व्यावसायिक कौशल भी विकसित कर सकते हैं। इस योजना के तहत युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे और वे आत्मनिर्भर बन सकेंगे।
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