🟠 मध्य प्रदेश में गर्भवती महिलाओं के लिए चलाई जा रही सरकारी योजनाएं – पूरी जानकारी
भारत में मातृ स्वास्थ्य को लेकर कई योजनाएं चलाई जा रही हैं, लेकिन मध्य प्रदेश सरकार ने इस दिशा में विशेष पहल की है। गर्भवती महिलाओं को आर्थिक सहायता, पोषण, सुरक्षित प्रसव और चिकित्सा सेवाएं देने के लिए राज्य सरकार विभिन्न योजनाएं चला रही है। इस ब्लॉग पोस्ट में हम आपको बताएंगे मध्य प्रदेश में गर्भवती महिलाओं के लिए चलाई जा रही सभी प्रमुख योजनाओं की पूरी जानकारी।
✅ 1. जननी सुरक्षा योजना (Janani Suraksha Yojana - JSY)
उद्देश्य: गर्भवती महिलाओं को संस्थागत प्रसव के लिए प्रेरित करना और मातृ-मृत्यु दर को कम करना।
लाभ:
- ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को ₹1400 की सहायता राशि
- शहरी क्षेत्रों में ₹1000 की सहायता
- महिला को अस्पताल तक लाने वाले व्यक्ति को ₹600 (ग्रामीण) / ₹200 (शहरी)
- प्रसव से पहले और बाद की देखभाल पूरी तरह मुफ्त
पात्रता:
- गरीबी रेखा के नीचे (BPL) जीवन यापन करने वाली महिलाएं
- गर्भावस्था की आयु 19 वर्ष या उससे अधिक
- केवल पहले दो जीवित बच्चों तक लाभ
कैसे आवेदन करें:
- नजदीकी आंगनवाड़ी केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र या जिला अस्पताल में संपर्क करें
- आवश्यक दस्तावेज: आधार कार्ड, जनसंख्या पंजीयन प्रमाण पत्र, गर्भावस्था प्रमाणपत्र
✅ 2. मुख्यमंत्री श्रमिक सेवा प्रसूति सहायता योजना
उद्देश्य: असंगठित क्षेत्र की गर्भवती महिलाओं को प्रसव के दौरान काम न करने के कारण होने वाली आर्थिक हानि की पूर्ति करना।
लाभ:
- कुल ₹16,000 की आर्थिक सहायता
- ₹4,000 गर्भावस्था के पहले तीन महीनों के भीतर पंजीयन पर
- ₹12,000 सुरक्षित संस्थागत प्रसव के बाद
पात्रता:
- असंगठित क्षेत्र में कार्यरत महिलाएं
- मध्यप्रदेश भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार मंडल में पंजीकृत
आवेदन प्रक्रिया:
- श्रम विभाग या जन सेवा केंद्र के माध्यम से आवेदन करें
- दस्तावेज़: श्रमिक कार्ड, आधार कार्ड, गर्भावस्था प्रमाण पत्र
✅ 3. प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना (PMMVY)
उद्देश्य: गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को पोषण, देखभाल और आराम के लिए आर्थिक सहायता देना।
लाभ:
- कुल ₹5,000 की सहायता राशि 3 किश्तों में:
- ₹1,000 गर्भधारण के पंजीकरण पर
- ₹2,000 प्रसव पूर्व कम से कम एक जांच करवाने पर
- ₹2,000 बच्चे के जन्म प्रमाण पत्र के साथ
पात्रता:
- पहली जीवित संतान को जन्म देने वाली महिलाएं
- 19 वर्ष या उससे अधिक आयु
- भारत की नागरिक हो
आवेदन प्रक्रिया:
- आंगनवाड़ी केंद्र या स्वास्थ्य कार्यकर्ता से संपर्क करें
- दस्तावेज़: आधार कार्ड, बैंक पासबुक, मातृत्व कार्ड
✅ 4. प्रसव हेतु परिवहन एवं उपचार सहायता योजना
उद्देश्य: गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित तरीके से अस्पताल पहुंचाना और मुफ्त इलाज देना।
लाभ:
- अस्पताल तक पहुंचने के लिए ₹300 की सहायता
- मरीज को लाने वाले को ₹200 का भुगतान
- अस्पताल में प्रसव की सभी सेवाएं मुफ्त (जाँच, दवा, डिलीवरी, सी-सेक्शन आदि)
- जननी एक्सप्रेस (108 एम्बुलेंस सेवा) का लाभ
पात्रता:
- सभी गर्भवती महिलाएं, विशेषकर ग्रामीण व गरीब तबके से
कैसे पाएं लाभ:
- 108 नंबर पर कॉल कर एम्बुलेंस बुलाएं
- अस्पताल में रजिस्ट्रेशन कराएं
✅ 5. आहार अनुदान योजना (Aahar Anudan Yojana)
उद्देश्य: विशेष पिछड़ी जनजातियों की महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान पोषण संबंधी सहायता देना।
लाभ:
- हर महीने ₹1,000 पोषण अनुदान
- यह राशि गर्भावस्था के दौरान और बच्चे के जन्म के बाद कुछ समय तक दी जाती है
पात्रता:
- बैगा, भारिया और सहरिया जनजाति की महिलाएं
- गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाली
आवेदन प्रक्रिया:
- आंगनवाड़ी केंद्र या महिला बाल विकास विभाग के ज़रिए आवेदन
- दस्तावेज़: जनजातीय प्रमाण पत्र, गर्भवती होने का प्रमाण
✅ 6. लालिमा अभियान
उद्देश्य: एनीमिया (खून की कमी) से जूझ रही महिलाओं और बच्चों को स्वास्थ्य एवं पोषण सहायता प्रदान करना।
लाभ:
- आयरन फोलिक एसिड टैबलेट वितरण
- पोषण युक्त भोजन की व्यवस्था
- स्वास्थ्य परीक्षण कैंप
- गर्भवती महिलाओं को विशेष पोषण सलाह
लाभार्थी:
- गर्भवती महिलाएं
- स्तनपान कराने वाली माताएं
- किशोरियाँ (10–19 वर्ष)
कैसे जुड़ें:
- आंगनवाड़ी केंद्र से संपर्क करें
- स्वास्थ्य शिविर में भाग लें
✅ 7. मुख्यमंत्री नारी शक्ति मिशन (अहिल्याबाई मिशन)
उद्देश्य: महिलाओं के स्वास्थ्य, पोषण, सुरक्षा और स्वावलंबन को बढ़ावा देना।
मुख्य पहल:
- गर्भवती महिलाओं के पोषण की निगरानी
- सरकारी अस्पतालों में मुफ्त हेल्थ चेकअप
- पोषण आहार किट का वितरण
- महिलाओं को कौशल विकास के ज़रिए आर्थिक रूप से सशक्त बनाना
✅ 8. दीं दयाल मोबाइल हेल्थ क्लिनिक
उद्देश्य: ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों की महिलाओं तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुँचाना।
सेवाएं:
- मोबाइल वैन के ज़रिए मुफ्त हेल्थ चेकअप
- ब्लड टेस्ट, सोनोग्राफी, आयरन/कैल्शियम सप्लीमेंट्स
- प्रसव पूर्व देखभाल
लाभार्थी:
- ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों की महिलाएं
- जिनकी पहुंच अस्पतालों तक नहीं है
✅ 9. नाया सवेरा योजना – मातृत्व सहायता योजना
उद्देश्य: गरीबी रेखा से नीचे की असंगठित क्षेत्र की महिलाओं को मातृत्व अवधि में आर्थिक सहारा देना।
लाभ:
- ₹12,000 की सहायता राशि
- महिला के परिवार को वित्तीय राहत
पात्रता:
- असंगठित श्रमिक वर्ग की महिलाएं
- बीपीएल कार्डधारी
✍️ निष्कर्ष
मध्य प्रदेश सरकार ने महिलाओं की सुरक्षा, पोषण और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए कई योजनाएं शुरू की हैं। इन योजनाओं से न सिर्फ महिलाओं की मातृत्व अवधि सरल होती है, बल्कि शिशु मृत्यु दर और मातृ मृत्यु दर को भी कम किया जा रहा है।
अगर आप या आपके परिवार में कोई गर्भवती महिला है, तो इन योजनाओं का लाभ ज़रूर उठाएं। आप अपने नजदीकी आंगनवाड़ी, स्वास्थ्य केंद्र या जन सेवा केंद्र में संपर्क करके योजना से जुड़ सकते हैं।
📋 आवश्यक दस्तावेज़ (सभी योजनाओं के लिए सामान्य)
- आधार कार्ड
- गर्भवती महिला का फोटो
- बैंक पासबुक (DBT के लिए)
- गर्भावस्था पंजीयन प्रमाण
- बीपीएल राशन कार्ड या गरीबी प्रमाण पत्र
- श्रमिक कार्ड (यदि श्रमिक योजना से जुड़ना हो)
- जाति प्रमाण पत्र (जनजातीय योजनाओं के लिए)
📞 सहायता और संपर्क
- जननी एक्सप्रेस (एम्बुलेंस): 108
- स्वास्थ्य हेल्पलाइन: 104
- महिला बाल विकास विभाग: https://mpwcdmis.gov.in
यदि आपको किसी योजना के तहत आवेदन करने में कठिनाई हो रही है, या आपको लगता है कि आपकी पात्रता होते हुए भी लाभ नहीं मिल रहा, तो जिले के सीडीपीओ (Child Development Project Officer) या जन सेवा केंद्र में शिकायत दर्ज कर सकते हैं।
📣 शेयर करें और जागरूकता फैलाएं
यह जानकारी ज़रूर उन महिलाओं तक पहुँचाएं जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं, दूरस्थ क्षेत्र में रहती हैं, या जिन्हें सरकारी योजनाओं की जानकारी नहीं है। एक छोटी सी जानकारी किसी की जिंदगी बदल सकती है।

