आपातकालीन सुरक्षा का नया कदम: “112 MP” और Dial-100 सेवा
भूमिका: आपातकाल की ज़रूरत
जीवन में कभी भी आपात स्थिति उत्पन्न हो सकती है—चाहे वह पुलिस का मामला हो, अग्नि, स्वास्थ्य संबंधी संकट या सुरक्षा की आवश्यकता। ऐसे समय पर तेज़, विश्वसनीय और विस्तृत प्रतिक्रिया व्यवस्था का होना हर नागरिक के लिए आवश्यक है। भारत सरकार ने इसी आवश्यकता के मद्देनज़र Emergency Response Support System (ERSS) की नींव रखी—जिसका नंबर है 112। यह तंत्र “Dial-100” सहित विभिन्न राज्यों में कार्यान्वित है और विशेष रूप से महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर ध्यान केंद्रित करता है।
ERSS और Dial-100 का परिचय
“112” एक पैन-इंडिया समेकित आपातकालीन नंबर है—जिससे किसी भी प्रकार की आपात स्थिति में सीधे सहायता प्राप्त की जा सकती है। इसमें प्रमुख विशेषताएं इस प्रकार हैं:
- फोन से डायल करें “112” — यह सीधे Emergency Response Centre (ERC) को कॉल करेगा।
- पावर बटन को तीन बार प्रेस करें — स्मार्टफ़ोन में पैनिक कॉल को सक्रिय करता है।
- फ़ीचर फोन में 5 या 9 की को लंबा दबाएँ — पैनिक कॉल हेतु सुविधा।
- राज्य ERSS वेबसाइट पर SOS डालें — डेस्कटॉप या मोबाइल ब्राउज़र से सहायता की लाइव रिक्वेस्ट कर सकते हैं।
- ई-मेल के माध्यम से SOS भेजें — राज्य ERC को SOS सूचना भेजने की व्यवस्था।
- 112 India मोबाइल ऐप की सहायता लें — गूगल प्ले स्टोर और एपल ऐप स्टोर पर उपलब्ध, जिसमें SOS और पैनिक कॉल शामिल हैं।
- महिलाओं और बच्चों के लिए विशेष “SHOUT” सुविधा — यह ऐप की प्रमुख विशेषता है: यह पैनिक कॉल के साथ पास-पास के स्वैच्छिक सुरक्षा सहयोगियों (volunteers) को अलर्ट भेजता है, ताकि तत्काल प्रतिक्रिया सुनिश्चित हो सके।(mpdial100.in)
मध्यप्रदेश (M.P.) में Dial-100 का कार्यप्रणाली
मध्यप्रदेश सरकार ने ERSS को स्थानीय स्तर पर Dial-100 सेवा के माध्यम से क्रियान्वित किया है। इसका मुख्य Command & Control Center निम्नलिखित पते पर है:
Dial-100 Command & Control Center
Police Telecommunication Headquarters
Bhadbhada Road, Bhopal, M.P.
आपातकालीन स्थिति में, सीधे 100 नंबर कॉल करना सबसे तेज़ और सरल तरीका है।
(mpdial100.in)
Nirbhaya Funds का महत्व
यह पूरी व्यवस्था भारत सरकार की Nirbhaya Funds योजना के अंतर्गत संचालित है, जो महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने के उद्देश्य से स्थापित की गई है। Nirbhaya Funds का मुख्य लक्ष्य महिलाओं के विरुद्ध होने वाले अपराधों के प्रति तेजी से प्रतिक्रिया कर उनकी सुरक्षा को सुनिश्चित करना है।
(mpdial100.in)
ब्लॉग पढ़ने वालों के लिए उपयोगी जानकारी
1. आपातकाल में क्या करें?
- तुरंत 112 या 100 (मध्यप्रदेश में) डायल करें।
- अगर स्मार्टफ़ोन पर हों — तीन बार पावर बटन पर क्लिक करें, या 5/9 की को लॉन्ग प्रेस करें (फ़ीचर फोन)।
- 112 मोबाइल ऐप डाउनलोड करें — SOS, पैनिक कॉल, और SHOUT सुविधा का लाभ उठाएं।
- SHOUT विकल्प महिलाओं और बच्चों के लिए वरदान है — क्योंकि यह स्थानीय स्वैच्छिक टीम को भी तुरंत सूचित करता है!
2. ERSS से कैसे जुड़ें?
- राज्य ERSS वेबसाइट पर जाकर यह देखें कि नजदीकी ERC कहां है।
- आप SOS रीक्वेस्ट पोर्टल या ई-मेल के ज़रिए मदद की रिक्वेस्ट भेजा जा सकता है।
3. Dial-100 का लाभ
- मध्यप्रदेश में यह सेवा लोकल पुलिस, एम्बुलेंस, अग्नि विभाग से तुरंत संपर्क कर सकती है।
- कम समय में जवाब और सहायता सुनिश्चित हो जाती है क्योंकि यह व्यवस्था सीधे ERC से जुड़ी होती है।
- SOC (State-wide Operation Center) के कारण, विभिन्न विभागों का समन्वय अधिक संगठित होता है।
4. क्यों खास हैं SHOUT सुविधा?
- अनायास, जल्दी या अकेले होने पर सुरक्षा का नुक़सान हो सकता है। ऐसे समय SHOUT सुविधा आसपास के स्वैच्छिक (volunteer) सदस्यों को सूचना देती है।
- यह नागरिक-आधारित सुरक्षा गार्ड की तरह काम करता है — आपके आस-पास के जागरूक लोगों को मदद के लिए बुलाना आसान बनाता है।
5. सावधानियाँ
- इसे केवल सचमुच की आपात स्थिति में ही कॉल करें। गैर-जरूरी उपयोग से रिसोर्सेज़ अवरुद्ध हो सकते हैं।
- ऐप या पैनिक फ़ीचर का टेस्ट करते समय सुनिश्चित करें कि आपकी ऐक्टिवेशन अनयास न हो।
निष्कर्ष
“112 MP / Dial-100” न केवल एक आपातकालीन सेवा है, बल्कि यह नागरिकों को सुरक्षित महसूस कराने वाली एक मजबूत सुरक्षा कवच भी है। खासकर महिलाओं और बच्चों के लिए यह जीवन रक्षक साबित हो सकता है।
ERSS (112) का साझा प्लेटफ़ॉर्म, Dial-100 की स्थानीय प्रतिक्रिया व्यवस्था, तथा SHOUT जैसी खास सुविधाएं सरकार द्वारा स्थापित सुरक्षा नेटवर्क को हर नागरिक तक सुलभ और समर्पित बनाती हैं।

