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MP Bhulekh GIS 2.0 पोर्टल लॉन्च: भूमि रिकॉर्ड, नक्शा, और ऑनलाइन सुविधाएं एक क्लिक में

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परिचय

डिजिटल इंडिया अभियान के तहत भारत सरकार द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे हैं कि नागरिकों को ज़मीन से जुड़ी जानकारी आसानी से ऑनलाइन उपलब्ध हो। इस दिशा में मध्यप्रदेश सरकार ने भी एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए अपने भूलेख पोर्टल को जीआईएस 2.0 (GIS 2.0) संस्करण में अपग्रेड किया है। यह नया पोर्टल नागरिकों को ज़मीन संबंधी जानकारी डिजिटल रूप से और अधिक सुविधाजनक, पारदर्शी एवं सहज तरीके से प्राप्त करने का अवसर प्रदान करता है।

इस लेख में हम जानेंगे कि मध्यप्रदेश भूलेख पोर्टल जीआईएस 2.0 क्या है, इसकी क्या विशेषताएं हैं, नागरिकों को इससे क्या लाभ होंगे और किस प्रकार यह भूमि प्रशासन में पारदर्शिता और दक्षता लाएगा।


भूलेख पोर्टल क्या है?

भूलेख पोर्टल एक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म है जिसके माध्यम से कोई भी व्यक्ति अपनी ज़मीन से संबंधित विवरण जैसे खसरा, खतौनी, भू-नक्शा, रिकॉर्ड ऑफ राइट्स (ROR) आदि जानकारी प्राप्त कर सकता है। पहले यह जानकारी तहसील या पटवारी के पास जाकर प्राप्त करनी होती थी, जो समयसाध्य और कभी-कभी भ्रष्टाचार से ग्रस्त होती थी।

मध्यप्रदेश सरकार ने इस समस्या के समाधान के लिए mpbhulekh.gov.in पोर्टल शुरू किया था जिसे अब अपडेट करके GIS 2.0 में परिवर्तित किया गया है।


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जीआईएस 2.0 क्या है?

GIS का पूर्ण रूप है Geographic Information System। यह एक तकनीक है जिससे नक्शे को डिजिटल रूप में देखकर उसमें प्लॉट, खेत, भूमि सीमाएं और भू-स्वामी की जानकारी प्राप्त की जा सकती है।

GIS 2.0 संस्करण में पुराने भूलेख पोर्टल की तुलना में कई नई और आधुनिक सुविधाएं जोड़ी गई हैं, जैसे:

  • 3D नक्शे की सुविधा
  • प्लॉट की सीमाओं को हाईलाइट करने की क्षमता
  • डायरेक्ट सर्च बार से ज़मीन ढूंढने की सुविधा
  • संपत्ति की स्थिति का वास्तविक समय में अवलोकन
  • डिजिटल साइन किया गया भूमि अभिलेख डाउनलोड करना

GIS 2.0 पोर्टल की प्रमुख सुविधाएं

इस पोर्टल के डैशबोर्ड में कई उपयोगी विकल्प जोड़े गए हैं। कुछ मुख्य विकल्प निम्नलिखित हैं:

  1. भू-अभिलेख (Land Records) - यहाँ से आप अपनी ज़मीन का खसरा, खतौनी, भू-स्वामित्व आदि देख सकते हैं।
  2. भू-भाग नक्शा (Map View) - इंटरएक्टिव नक्शे के माध्यम से प्लॉट की स्थिति देख सकते हैं।
  3. आवासी अधिकार अभिलेख (Residential Rights Records) - आवासीय ज़मीन पर स्वामित्व से संबंधित जानकारी प्राप्त करें।
  4. RCMS आईडी और व्यवहार न्यायालय प्रकरण (Litigation Tracking) - ज़मीन से जुड़े अदालती मामलों को ट्रैक किया जा सकता है।
  5. ट्रांसफर व पुनरीक्षण की सुविधा (Mutation & Correction) - ज़मीन के हस्तांतरण व संशोधन की जानकारी यहां मिलेगी।
  6. कृषि भूमि टपस्वर भुगतान / व्यवसायिक भूमि टपस्वर भुगतान - ज़मीन के उपयोग की जानकारी और शुल्कों का ऑनलाइन भुगतान।
  7. भूलेखगाट दस्तावेज़ (Token Download) - ज़मीन दस्तावेज़ डाउनलोड करने की सुविधा।

नए पोर्टल से क्या फायदे होंगे?

GIS 2.0 पोर्टल से नागरिकों, किसानों, निवेशकों और सरकारी अधिकारियों को कई प्रकार के लाभ होंगे:

1. पारदर्शिता में वृद्धि

अब ज़मीन के मालिकाना हक, सीमाएं और उपयोग की स्थिति बिना किसी मध्यस्थ के सीधी ऑनलाइन जांची जा सकती है।

2. भ्रष्टाचार में कमी

दस्तावेज़ों के डिजिटलीकरण और ऑनलाइन उपलब्धता से पटवारी या तहसील कार्यालय पर निर्भरता कम होगी।

3. समय और धन की बचत

दस्तावेज़ों के लिए बार-बार कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने होंगे। कुछ ही क्लिक में प्रमाण पत्र और नक्शे डाउनलोड किए जा सकते हैं।

4. भूमि विवादों का त्वरित समाधान

पोर्टल पर चल रहे न्यायिक मामलों की स्थिति की जानकारी मिलने से विवादों का हल तेज़ी से हो सकेगा।

5. निवेश में सुविधा

व्यवसायिक निवेशकों को भूमि के उपयोग, स्वामित्व और स्थिति की जानकारी आसानी से ऑनलाइन उपलब्ध होगी जिससे निवेश निर्णय सरल होगा।


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कैसे करें पोर्टल का उपयोग?

GIS 2.0 पोर्टल का उपयोग करने के लिए नीचे दिए गए आसान चरणों का पालन करें:

  1. वेबसाइट पर जाएं: https://mpbhulekh.gov.in
  2. होमपेज पर “भू-अभिलेख” या “भू-भाग नक्शा” जैसे विकल्प चुनें।
  3. ज़िला, तहसील, गांव और खसरा नंबर या नाम से खोजें।
  4. संबंधित भूमि विवरण स्क्रीन पर दिख जाएगा।
  5. चाहें तो PDF में डाउनलोड करें या प्रिंट लें।

भविष्य की संभावनाएं

मध्यप्रदेश सरकार इस पोर्टल को भविष्य में और भी स्मार्ट बनाने की योजना बना रही है। भविष्य में यह पोर्टल बैंक से लोन अप्रूवल, संपत्ति की बिक्री-पर्चेज की वैधता जांचने, और स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट्स के साथ इंटीग्रेट करने में भी कारगर सिद्ध हो सकता है।


निष्कर्ष

मध्यप्रदेश भूलेख पोर्टल का GIS 2.0 संस्करण डिजिटल भूमि प्रबंधन की दिशा में एक क्रांतिकारी पहल है। इससे न सिर्फ नागरिकों को सुविधा होगी, बल्कि सरकारी प्रशासन भी अधिक पारदर्शी और उत्तरदायी बन सकेगा। यह पहल डिजिटल इंडिया की उस परिकल्पना को साकार करने की ओर एक सशक्त कदम है जिसमें हर नागरिक को उसकी संपत्ति से जुड़ी सभी जानकारी एक क्लिक में मिल सके।


आप भी आज ही इस पोर्टल का उपयोग करें और डिजिटल युग में अपनी भूमि से जुड़ी जानकारी को पूरी पारदर्शिता के साथ सुरक्षित रखें।
MP Bhulekh GIS 2.0 पोर्टल पर जाने के लिए यहां क्लिक करें


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