अज़ीम प्रेमजी स्कॉलरशिप 2025–26: बेटियों की उच्च शिक्षा के लिए एक नया मार्ग
भारत जैसे विशाल देश में आज भी लाखों छात्राएं आर्थिक कठिनाइयों के कारण अपनी पढ़ाई बीच में ही छोड़ देती हैं। विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों और छोटे कस्बों में बेटियों की शिक्षा को लेकर चुनौतियाँ और भी अधिक हैं। इन्हीं समस्याओं को देखते हुए Azim Premji Foundation ने Azim Premji Scholarship की शुरुआत की है। यह पहल शिक्षा के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक कदम है, जो न सिर्फ़ आर्थिक सहयोग देती है बल्कि बेटियों को आगे बढ़ने का आत्मविश्वास भी प्रदान करती है।
अज़ीम प्रेमजी फाउंडेशन का परिचय
स्थापना वर्ष: 2001संस्थापक: अज़ीम हाशिम प्रेमजी (भारतीय उद्योगपति व समाजसेवी, जिन्हें अक्सर India’s most generous philanthropist कहा जाता है)।
उद्देश्य: भारत में शिक्षा की गुणवत्ता और समानता को बढ़ावा देना।
मुख्य कार्यक्षेत्र:
- सरकारी स्कूलों और शिक्षकों की क्षमता वृद्धि।
- शिक्षा नीति और रिसर्च में योगदान।
- विभिन्न राज्यों में शिक्षा सुधार कार्यक्रम।
फाउंडेशन का विज़न है — “एक न्यायपूर्ण, समानता-आधारित और सतत समाज की ओर अग्रसर होना”।
अज़ीम प्रेमजी स्कॉलरशिप: उद्देश्य
इस स्कॉलरशिप का मुख्य मकसद है — सरकारी स्कूलों से पढ़ने वाली बेटियों को कॉलेज स्तर की शिक्षा में आर्थिक मदद प्रदान करना।
अक्सर देखा जाता है कि बेटियां कक्षा 10वीं और 12वीं तक तो पढ़ लेती हैं, लेकिन कॉलेज में दाख़िले के बाद फीस, किताबें और अन्य खर्चों का बोझ परिवार के लिए भारी हो जाता है। इस स्कॉलरशिप से:
- उनकी पढ़ाई बीच में रुकती नहीं,
- वे आत्मनिर्भर बन पाती हैं,
- और समाज में समान अवसर प्राप्त करती हैं।
स्कॉलरशिप की राशि और अवधि
- राशि: प्रति वर्ष ₹30,000
- भुगतान: यह राशि छात्रा के बैंक खाते में सीधे दो किस्तों में दी जाती है — ₹15,000 + ₹15,000।
- अवधि: पूरी डिग्री/डिप्लोमा कोर्स की अवधि (2, 3, 4 या 5 वर्ष)।
- उपयोग: फीस, किताबें, यात्रा, हॉस्टल, कपड़े या अन्य ज़रूरी खर्च — किसी भी उद्देश्य के लिए।
पात्रता (Eligibility Criteria)
- छात्रा ने कक्षा 10वीं और 12वीं सरकारी स्कूल/कॉलेज से नियमित रूप से उत्तीर्ण की हो।
- वर्ष 2025–26 में किसी मान्यता प्राप्त सरकारी या भरोसेमंद निजी कॉलेज/विश्वविद्यालय में प्रथम वर्ष में नामांकन लिया हो।
- यह स्कॉलरशिप केवल छात्राओं (Girls Students) के लिए उपलब्ध है।
आवेदन प्रक्रिया
1. नए आवेदन (2025–26): 10 सितंबर 2025 से शुरू होंगे।2. नवीनीकरण (2024–25): जिन छात्राओं को पहले वर्ष में यह स्कॉलरशिप मिल चुकी है, उन्हें कॉलेज में नामांकन प्रमाणपत्र (Admission Proof) अपलोड करना होगा।
आवश्यक दस्तावेज़:
- कॉलेज की फीस रसीद या बोनाफाइड सर्टिफिकेट।
- बैंक खाता विवरण।
- पहचान पत्र (आधार आदि)।
स्कॉलरशिप का विस्तार और पैमाना
पायलट चरण (2024–25):
- शुरुआत केवल मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और झारखंड से हुई।
- लगभग 25,000 छात्राओं को लाभ मिला।
- अब यह स्कॉलरशिप 18 राज्यों तक पहुँचेगी।
- इसमें शामिल राज्य हैं — अरुणाचल प्रदेश, असम, बिहार, छत्तीसगढ़, झारखंड, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, ओडिशा, राजस्थान, सिक्किम, तेलंगाना, त्रिपुरा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड।
- इस चरण में लगभग 2.5 लाख छात्राओं को यह लाभ मिलेगा।
वित्तीय प्रतिबद्धता:
- एक वर्ष में ₹750 करोड़।
- तीन वर्षों में कुल ₹2,250 करोड़।
क्यों है यह स्कॉलरशिप खास?
- Income Proof की ज़रूरत नहीं: केवल सरकारी स्कूल से पढ़ाई की शर्त पर्याप्त है।
- सीधा बैंक खाते में पैसा: पारदर्शिता और स्वतंत्र उपयोग।
- व्यापक पैमाना: भारत के 18 राज्यों की लाखों छात्राएं लाभान्वित होंगी।
- बेटियों पर विशेष ध्यान: शिक्षा में लैंगिक समानता को बढ़ावा।
- लचीलापन: राशि केवल फीस तक सीमित नहीं, बल्कि अन्य आवश्यकताओं में भी उपयोगी।
अज़ीम प्रेमजी फाउंडेशन का समग्र योगदान
- सरकारी स्कूलों में शिक्षकों का प्रशिक्षण और पाठ्यक्रम सुधार।
- शिक्षा नीति निर्माण में सक्रिय भूमिका।
- Azim Premji University के माध्यम से उच्च शिक्षा और रिसर्च को बढ़ावा।
- लाखों रुपये का परोपकार और सामाजिक कार्य।
निष्कर्ष
अज़ीम प्रेमजी स्कॉलरशिप उन छात्राओं के लिए आशा की किरण है जो आर्थिक कारणों से अपने सपनों को अधूरा छोड़ देती हैं। ₹30,000 वार्षिक सहायता उन्हें न सिर्फ कॉलेज तक पहुँचाती है बल्कि समाज में आत्मनिर्भर बनने का रास्ता भी खोलती है।
आज के समय में जब “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” जैसे अभियान चलाए जा रहे हैं, यह स्कॉलरशिप उस दिशा में एक ठोस कदम है। इससे लाखों बेटियों को उच्च शिक्षा का अवसर मिलेगा और भविष्य में वही बेटियां समाज, परिवार और राष्ट्र के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देंगी।
👉 यह ब्लॉग उन सभी अभिभावकों और छात्राओं के लिए उपयोगी है जो 2025–26 में इस स्कॉलरशिप का लाभ उठाना चाहती हैं।

