छात्रों के लिए आधार अब विद्यालय के द्वार – मध्यप्रदेश में स्कूलों में बनेगा आधार कार्ड
भारत में आधार कार्ड हर नागरिक की पहचान का महत्वपूर्ण साधन बन चुका है। चाहे सरकारी योजनाओं का लाभ लेना हो, बैंक खाता खोलना हो, छात्रवृत्ति पाना हो या अन्य किसी सेवा का लाभ उठाना हो – आधार की आवश्यकता हर जगह होती है। विद्यार्थियों को अक्सर अपने आधार कार्ड बनवाने या उसमें सुधार कराने के लिए आधार केंद्रों के चक्कर लगाने पड़ते हैं।
लेकिन अब मध्यप्रदेश सरकार ने छात्रों को बड़ी सुविधा दी है। “विद्यार्थी के लिए आधार, अब विद्यालय के द्वार” अभियान के तहत अब छात्रों के आधार कार्ड उनके ही स्कूलों में बनाए और अपडेट किए जाएंगे।
क्या है यह अभियान?
मध्यप्रदेश में 18 अगस्त 2025 से राज्य शिक्षा विभाग और भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) के सहयोग से एक विशेष अभियान शुरू होने जा रहा है। इस अभियान के तहत:
- हर सरकारी स्कूल में छात्रों का आधार कार्ड बनाया जाएगा।
- पुराने आधार कार्ड में यदि कोई सुधार या अपडेट करना है तो वह भी स्कूल में ही संभव होगा।
- छात्रों को अलग से आधार केंद्र जाने की आवश्यकता नहीं होगी।
अभियान का उद्देश्य
इस अभियान का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि हर विद्यार्थी के पास आधार कार्ड हो और उनकी सभी जानकारी सही और अपडेटेड हो। इसके कई बड़े फायदे हैं:
- छात्रवृत्ति और योजनाओं का लाभ – छात्रवृत्ति योजनाओं में आधार जरूरी होता है। सही आधार होने से छात्रवृत्ति में कोई समस्या नहीं होगी।
- स्कूल रिकॉर्ड्स का मिलान – स्कूल के रिकॉर्ड और आधार डाटा में समानता बनी रहेगी।
- समय और धन की बचत – बच्चों को और उनके अभिभावकों को अलग से आधार केंद्र जाने की ज़रूरत नहीं होगी।
- सुविधा – विद्यालय में ही यह कार्य हो जाने से विद्यार्थियों को आसानी और सुविधा मिलेगी।
कब से और कहाँ होगा यह अभियान?
- यह विशेष अभियान 18 अगस्त 2025 से पूरे मध्यप्रदेश के सभी शासकीय स्कूलों में लागू होगा।
- प्रत्येक स्कूल में इसके लिए विशेष टीम और सुविधा केंद्र उपलब्ध कराया जाएगा।
- स्कूल शिक्षा विभाग ने UIDAI के साथ समझौता किया है ताकि यह कार्य सुचारू रूप से संपन्न हो सके।
छात्रों को क्या करना होगा?
यदि आपका बच्चा किसी सरकारी स्कूल में पढ़ता है तो आपको निम्नलिखित तैयारियाँ करनी होंगी:
- निकटतम सरकारी स्कूल से संपर्क करें – जहाँ बच्चा पढ़ रहा है, वहाँ के प्रधानाध्यापक/प्रबंधक से जानकारी लें।
- जरूरी दस्तावेज तैयार करें – आधार पंजीकरण या सुधार के लिए कुछ दस्तावेजों की आवश्यकता होगी जैसे कि:
- जन्म प्रमाणपत्र / स्कूल का बोनाफाइड सर्टिफिकेट
- माता-पिता का आधार कार्ड
- निवास प्रमाण पत्र (राशन कार्ड/बिजली बिल आदि)
- निर्धारित तिथि पर विद्यालय पहुँचें – अभियान के दौरान स्कूल में आधार कार्ड बनाने के लिए शिविर लगाया जाएगा।
- सुधार कार्य – यदि छात्र के पुराने आधार में कोई त्रुटि है (जैसे नाम, जन्मतिथि, फोटो या पता) तो उसे वहीं ठीक कराया जा सकेगा।
आधार कार्ड बनवाने और अपडेट करने की प्रक्रिया
विद्यालय में आधार कार्ड बनवाने की प्रक्रिया बिल्कुल आधार केंद्र जैसी ही होगी।
- बायोमेट्रिक (फिंगरप्रिंट और आंख की स्कैनिंग) लिया जाएगा।
- फोटो खींची जाएगी।
- दस्तावेजों का सत्यापन होगा।
- डेटा UIDAI सर्वर पर अपलोड होगा।
- कुछ समय बाद आधार कार्ड छात्र के पते पर भेज दिया जाएगा।
इस अभियान से होने वाले लाभ
1. विद्यार्थियों को सीधे लाभ
छात्रों को अब छुट्टी लेकर आधार केंद्र जाने की परेशानी नहीं होगी। स्कूल में ही यह काम आसानी से हो जाएगा।
2. अभिभावकों की सुविधा
माता-पिता को अब बार-बार आधार केंद्र नहीं जाना पड़ेगा। उनके बच्चों का आधार स्कूल में ही बन जाएगा।
3. स्कूल प्रशासन को लाभ
विद्यालयों के पास छात्रों का पूरा और अपडेटेड डाटा उपलब्ध होगा, जिससे योजनाओं का क्रियान्वयन सरल होगा।
4. राज्य सरकार और UIDAI को लाभ
पूरे राज्य में विद्यार्थियों का आधार डाटा एकसमान और सही रहेगा, जिससे शैक्षिक योजनाओं और स्कॉलरशिप वितरण में पारदर्शिता बढ़ेगी।
इस अभियान से जुड़ी महत्वपूर्ण बातें
- यह सुविधा फिलहाल केवल शासकीय विद्यालयों में उपलब्ध होगी।
- छात्रों का आधार निःशुल्क बनेगा।
- अभियान की शुरुआत 18 अगस्त 2025 से होगी और इसे चरणबद्ध तरीके से पूरे राज्य में लागू किया जाएगा।
- निजी स्कूलों में यह सुविधा बाद में उपलब्ध कराई जा सकती है।
निष्कर्ष
मध्यप्रदेश सरकार का यह कदम छात्रों और अभिभावकों दोनों के लिए बेहद राहत भरा है। “विद्यार्थी के लिए आधार, अब विद्यालय के द्वार” अभियान से लाखों बच्चों को अपने स्कूल में ही आधार कार्ड बनवाने और अपडेट कराने की सुविधा मिलेगी।
यह न केवल समय और धन की बचत करेगा बल्कि शिक्षा व्यवस्था और सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता भी सुनिश्चित करेगा। इसलिए सभी अभिभावकों से अनुरोध है कि वे अपने नज़दीकी सरकारी स्कूल से संपर्क करें और आवश्यक दस्तावेज समय पर तैयार रखें ताकि उनका बच्चा इस अभियान का लाभ उठा सके।
👉 तो अब छात्रों के लिए आधार कार्ड बनवाना या उसमें सुधार कराना बिल्कुल आसान होगा, क्योंकि आधार अब विद्यालय के द्वार पर उपलब्ध है।

