Udyam Registration पोर्टल: आपके MSME (सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम) को सरकारी मान्यता देने का सरल मार्ग
भारत सरकार ने जुलाई 2020 में Udyam Registration पोर्टल की शुरुआत की — पूर्व में चल रहे Udyog Aadhaar (2015–2020) को बदलते हुए MSMEs के लिए एक ऑनलाइन, आसान और प्रमाणपत्र आधारित पंजीकरण प्रणाली विकसित की गई । इस पोर्टल का उद्देश्य छोटे उद्यमों को सरलता से पहचान दिलाना और उन्हें सरकारी योजनाओं एवं लाभों से जोड़ना है।
Udyam Registration क्या है?
Udyam Registration एक डिजिटल सरकारी पंजीकरण है, जिसमें निजी या साझेदारी, कंपनी, ट्रस्ट, आदि जैसे विभिन्न प्रकार के उद्यम अपनी जानकारी (आधार, PAN, व्यवसाय विवरण) प्रमाणित कर पंजीकरण कर सकते हैं। पंजीकरण के बाद, एक स्थायी Udyam Registration Number (URN) और एक ई-प्रमाणपत्र (certificate) जारी होता है जिसमें QR-कोड भी शामिल होता है ।
पात्रता: MSME वर्गीकरण मानदंड
Udyam Registration के तहत व्यवसाय निम्नलिखित वर्गों में आते हैं:
- Micro: निवेश ≤ ₹1 करोड़ और वार्षिक कारोबार ≤ ₹5 करोड़
- Small: निवेश ≤ ₹10 करोड़ और कारोबार ≤ ₹50 करोड़
- Medium: निवेश ≤ ₹50 करोड़ और कारोबार ≤ ₹250 करोड़
हालिया Union Budget 2025 में इन सीमा मानदंडों में संशोधन किया गया है—निवेश सीमा 2.5 गुना और कारोबार सीमा दोगुनी की गई है, जिससे सीमाएँ अब:
- Micro: ₹2.5 करोड़ निवेश, ₹10 करोड़ कारोबार
- Small: ₹25 करोड़ निवेश, ₹100 करोड़ कारोबार
- Medium: ₹125 करोड़ निवेश, ₹500 करोड़ कारोबार हैं ।
पंजीकरण प्रक्रिया — स्टेप-बाय-स्टेप
- आधिकारिक पोर्टल पर जाएँ – Udyam Registration Portal
- “For New Entrepreneurs…” वाले विकल्प पर क्लिक करें।
- अपना आधार नंबर दर्ज करें और मोबाइल पर प्राप्त OTP से सत्यापन करें।
- PAN विवरण जमा करें; यह स्वचालित रूप से आयकर डेटा से जांच लिया जाता है ।
- व्यवसाय के विवरण भरें — नाम, पता, बैंक खाता, संगठन की प्रकृति, NIC कोड, कर्मचारियों की संख्या, निवेश और कारोबार जानकारी आदि।
- सभी जानकारी पुष्टि कर submit करें; पंजीकरण के बाद आपका Udyam Registration Number और ई-प्रमाणपत्र ई-मेल पर प्राप्त होगा ।
इसमें कोई शुल्क नहीं लगता, कागजात अपलोड करने की जरूरत नहीं—सभी विवरण स्व-घोषणा पर आधारित होते हैं ।
Udyam पंजीकरण के लाभ
- सरकारी योजनाएँ: Udyam पंजीकृत उद्यम विभिन्न सरकारी योजनाओं (उदाहरण: Credit Linked Capital Subsidy, CGTMSE, ISO सब्सिडी आदि) के लिए योग्य हो जाते हैं ।
- सहूलियतपूर्ण वित्त पोषण: Collateral-free loans (CGTMSE के अंतर्गत), priority sector lending, कम ब्याज दर पर बैंक ऋण, MAT क्रेडिट का विस्तार, बिजली/ISO/पेटेंट सब्सिडी आदि ।
- विलंब भुगतान से सुरक्षा: MSMED Act, 2006 के अंतर्गत देरी से होने वाले भुगतान के खिलाफ कानूनी सुरक्षा।
- कुशल व्यवस्था: PAN, GST और आयकर पोर्टलों के साथ एकीकरण से प्रक्रिया सुचारु, पारदर्शी और सरल बनती है ।
प्रभाव तथा आँकड़े
- जुलाई 2024 तक 4.77 करोड़ से अधिक MSMEs Udyam पोर्टल पर पंजीकृत हो चुके थे ।
- RBI की रिपोर्ट के अनुसार, Udyam के जुड़ने के बाद MSME ऋण में 34% तक वृद्धि दर्ज की गई।
- Udyam पोर्टल के माध्यम से अब तक ₹15.6 लाख करोड़ बैंक क्रेडिट MSMEs तक पहुंचा है ।
चुनौतियाँ
- डिजिटल विभाजन: ग्रामीण क्षेत्रों में इंटरनेट, स्मार्टफोन और डिजिटल साक्षरता की कमी पंजीकरण प्रक्रिया में बाधा डालती है ।
- कृत्रिम पंजीकरण का खतरा: स्वयं-घोषणा आधारित प्रणाली के कारण फर्जी पंजीकरण की संभावनाएं बनती हैं।
निष्कर्ष
Udyam Registration पोर्टल ने MSMEs को एक डिजिटल, सरल, और लाभार्थक पंजीकरण प्रणाली प्रदान की है। यह उन्हें सरकारी जोड़ता है, वित्तीय सहायता योग्य बनाता है, और व्यवसाय को सहजता और विश्वसनीयता प्रदान करता है।
यदि आपका व्यवसाय इन श्रेणियों में आता है — चाहे नया हो या स्थापित — तो जितनी जल्दी संभव हो, Udyam पर पंजीकरण कर लेना आपके लिए फायदेमंद रहेगा।

