भारत में डिजिटल लेनदेन को और भी आसान और सुरक्षित बनाने के लिए सरकार ने UPI (Unified Payments Interface) में नए फीचर्स जोड़ने की मंजूरी दे दी है। अब ग्राहक फेस रिकग्निशन (Face Recognition) और फिंगरप्रिंट (Fingerprint Authentication) के जरिए भी भुगतान कर सकेंगे।
🔒 अभी तक कैसे होता था पेमेंट?
अब तक सभी UPI ट्रांजेक्शन में पेमेंट को पूरा करने के लिए यूजर को UPI PIN डालना जरूरी होता था। चाहे वह Google Pay, PhonePe, Paytm या BHIM ऐप क्यों न हो। लेकिन अब यह नियम बदलेगा।
🌟 नया फीचर क्या है?
सरकार और NPCI (National Payments Corporation of India) ने मिलकर एक ऐसा सिस्टम विकसित किया है जिसमें यूजर अपनी बायोमेट्रिक पहचान (जैसे चेहरा या अंगूठे का निशान) के ज़रिए भुगतान कर सकेंगे।
- फेस ऑथेंटिकेशन के लिए AI-आधारित फेस रिकग्निशन सिस्टम काम करेगा।
- फिंगरप्रिंट के लिए आधार आधारित प्रमाणीकरण (Aadhaar-based Authentication) इस्तेमाल होगा।
🏦 किन बैंकों में सबसे पहले शुरू होगा?
शुरुआत में यह सुविधा कुछ चुनिंदा बैंकों और ऐप्स में टेस्ट के तौर पर शुरू की जाएगी। धीरे-धीरे इसे सभी UPI ऐप्स में लागू किया जाएगा।
✅ इससे क्या फायदे होंगे?
- PIN डालने की झंझट खत्म — अब सिर्फ फेस या फिंगर से भुगतान।
- तेज़ ट्रांजेक्शन — सेकंडों में पेमेंट कन्फर्म होगा।
- सुरक्षा में बढ़ोतरी — बायोमेट्रिक डेटा चोरी करना लगभग असंभव होता है।
- बुजुर्गों और अनपढ़ यूजर्स के लिए आसान — जिन्हें PIN याद रखना मुश्किल लगता है।
⚙️ कैसे करेगा काम?
- भुगतान के समय मोबाइल कैमरा या बायोमेट्रिक सेंसर से पहचान होगी।
- सिस्टम आपके आधार डेटा या फेशियल डेटा से मिलान करेगा।
- मिलान सफल होते ही पेमेंट ऑटोमैटिक कन्फर्म हो जाएगा।
📱 कौन से ऐप्स सपोर्ट करेंगे?
यह फीचर जल्द ही BHIM UPI, PhonePe, Google Pay, Paytm UPI जैसे ऐप्स में आने वाला है। NPCI ने इसके लिए सभी कंपनियों को तकनीकी गाइडलाइन भेज दी है।
🧠 निष्कर्ष:
भारत में डिजिटल पेमेंट की दुनिया में यह एक क्रांतिकारी कदम है। फेस और फिंगरप्रिंट ऑथेंटिकेशन से न केवल सुरक्षा बढ़ेगी बल्कि पेमेंट करना पहले से भी तेज़, आसान और सुरक्षित होगा।
👉 सुझाव:
यदि आप भी UPI यूजर हैं तो अपने ऐप को अपडेट रखें, ताकि जैसे ही यह नया फीचर लागू हो, आप इसे सबसे पहले उपयोग कर सकें।


